सदुपदेश 1
सदुपदेश
जब पापात्मा मनुष्य किसी स्त्री अथवा ब्राह्मण की हत्या करके लोगों की सभा में साधुवाद या प्रशंसा प्राप्त करता है तथा राजा के निकट भी पाप से भय नहीं मानता, उस समय क्षत्रिय राजा के लिए बड़ा भारी भय उपस्थित होता है। जब बहुत से पापी पापाचार करने लगते हैं, तब संहारकारी भगवान रुद्रदेव प्रकट हो जाते हैं । पापात्मा पुरुष अपने पापों द्वारा ही रुद्रदेव को प्रकट करते हैं, और फिर वे रुद्रदेव साधु और असाधु सब लोगों का संहार कर डालते हैं। अतः स्त्री, ब्राह्मण, गाय, इनकी प्रयत्न पूर्वक रक्षा करनी चाहिए, इन्हें किसी भी प्रकार का कष्ट नही देना चाहिए।।
स्वामी.रामदेवानन्द सरस्वती
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